08/03/2026
पत्नियां संगम सुख की चेष्टा लिखी जाती हैं लेकिन जल्दी संतुष्टि नहीं मिलती है
मेरी शादी को 20 साल से ज्यादा हो गए हैं।
जब मैंने अपनी पत्नी को पहली बार देखा तो उसका चेहरा देखकर ऐसा लगा कि शायद वो मेरे लिए ठीक नहीं हैं। बोरा घर में सभी को पसंद थी, बाकी सभी यात्रियों को खार उतरा हुआ था और मेरे पास अपना कोई विकल्प नहीं था तो मैंने हां कह दिया।
जिसका डर वो ही हुआ हमारा स्वभाव एक दूसरे से काफी अलग है। इसलिए आज तक बहुत सारे लोग रहते हैं।
शादी के लगभग 2 साल बाद हमारी साली जी हमारे अपने घर शहर में स्वयं की शादी के लिए अपनी माँ जी के यहाँ रहने आईं।
हमारा मेलजोल बढ़ाया गया। वो अपने स्त्री सुगम तरीकों से अंजाने में हमें ड्रू करता है, डूया हमारे सभी अंश मिले भी देखेंअंदाज किया गया। हम मातृत्व जो थे।
यहां कुछ महीने बाद पत्नी जी को आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए हमारे घर में शहर में रहने के लिए भेज दिया गया। खट-पट हमारी कभी बंद हुई ही नहीं।
एक बार कुछ दिनों के लिए बाहर गया और वापस घर लौटा तो हमारी साली जी ने फोन किए और हम पर "आई लव यू" लिखा।
साली जी का यही महिला सुगम तरीका था, जो शायद उनका स्वभाव था, हम पर असर करना शुरू कर दिया। आख़िर कब तक बचते?
उनकी शादी को 15 साल हो गए और वो वाकये भी करीब 17 साल हो गए। उनके अपने पति और श्वसुराल वालों के प्रति स्वभाव लक्षण और गहराई से समझ का मौका मिला।
एक ही परिवार से जुड़े हुए हैं तो मुलाक़ात होती रहती है। खैर हमारे बीच बात नहीं होती, एक दूसरे की जिंदगी में क्या चल रहा है उसकी खबर भी रहती है।
इसलिए आज भी मुझे ऐसा महसूस होता है कि शायद हम एक दूसरे के लिए ही हैं। लेकिन नियति नहीं चाहती थी कि हम एक हों।
उनका तो पता नहीं हम आज तक उस टीस से बाहर नहीं निकले। आज भी मन के किसी किनारे में ये चाहत दबी हुई है कि साथ में कुछ पल गहनता के साथ उनकी दोस्ती को मिलें.... ❤️