27/03/2026
उस दिन वो चोट मेरे पैर में नही बल्कि मेरे दिल में लगी थी , मै ये तक भूल गया था की वो पहले से शादी शुदा है और मुझसे उम्र में भी बड़ी है।
अब तो रोज मैं स्कूल से आकर मैदान में चला जाता था और घंटो उनके घर के बाहर बैठा देखता रहता की एक बार उन्हे देख लू।
कई दिनों की मशक्कत के बाद मालूम चला की उनका नाम शालिनी गुप्ता है और उनके हसबैंड का नाम विक्रम गुप्ता है जो की एयरलाइन एजेंसी में काम करते है और अक्सर घर से बाहर जाते रहते है और इसी वजह से उनका ट्रांसफर भी होता रहता है।
अक्सर शालिनी घर में अकेली ही रहती थी, उनके सास ससुर अब इस दुनिया में नही है और नाही उनकी कोई औलाद थी।
मै जब भी शाम को मैदान में आता तो उन्हें छत पे अकेले टहलते देखा करता, कान में हेडफोन लगाए और गानों की धुनों को गुनगुनाते हुए। मुझे लगता था की जैसे वो अपने अकेलेपन को उन गानों की मदद से भरने की कोशिश करती थीं।
कई बार तो उनकी नज़रे मुझ पर भी पड़ती है और वो मुझे हाथ हिलाकर इशारा करती और इशारो में पूछती की दर्द कैसा है?
मै भी इशारो में ही जवाब देता..की ठीक हूं।
उसके बाद उनके चेहरे पर एक हल्की सी मुस्कुराहट आ जाती थीं।
एक रोज वो मुझे सब्जी मार्केट में मिल गई, वो मछली ले रही थी और मैं जन्म से शाकाहारी हूं और मुझे मांस मछली की गंध बिलकुल बर्दाश्त नहीं होती हैं फिर भी मैं उन्हें देखकर उनके पास मछली की दुकान पर चला गया।
शालिनी : तुम्हारा पैर कैसा है अभी?
मैं : (हकलाते हुए) ठीक है आ...Mrs. गुप्ता।
मैं आंटी कहने जा रहा था लेकिन फिर मैने Mrs. गुप्ता कह दिया।
वो एक हल्की सी मुस्कुराहट के साथ बोली, "हम्म ...लेकिन तुमने उस दिन अपना नाम नही बताया ?"
"मेरा नाम संजू है" मैने बोला।
तभी उनके पति वहां आ जाते हैं और मुझे देख कर पूछते है," और भई! कैसा है पैर तुम्हारा? शालिनी बोल रही थी की तुम हमारे धर की दीवार से गिर गए थे।"
मै उन्हे देख कर थोड़ा सा डर जाता हूं और फिर दबे शब्दो में कहता हु...ठीक हूं अंकल।
उनके पति दिखने में काफ़ी हैंडसम थे, बॉडी वॉडी भी बनाई हुई थी। उन्हे देखकर मुझे काफी जलन होने लगी थी, इसीलिए मै वहां से निकल गया ।
उस दिन मैंने सोचा की शालिनी तो नॉन वेजिटेरियन है और मै शाकाहारी, इसलिए मैं बाजार से वापस आते हुए एक होटल में रुक गया और वहां से एक फिश फ्राई ले लिया और सोचा की एक बार अपने बेडरूम में जाकर इसे ट्राई करूंगा।
मैं नहीं चाहता था की शालिनी मेरी वजह से अपने खान पान में कोई समझौता करे।
बाजार की बाकी सामान को किचेन में रख मै अपने कमरे में पहुंच गया और फिश फ्राई वाली थैली निकाल ली।
लेकिन उसको देख कर मेरा मन बैठा जा रहा था, मैने अपनी नाक बंद कर और दिल मजबूत करके एक टुकड़ा काट कर जैसे ही उसे अपने मुंह में रखा।
उसी के साथ ही मुझे उबकाई आने लगी और मै बची हुई मछली ले कर बाथरूम में भागा, और उसके बाद तो उल्टी कर कर के मेरी हालत पतली हो गई।
उस दिन मैंने समझा की इसलिए लोग कहते है की ..........................प्यार की डगर मुश्किलों भरा होता है ।